Sunday, September 23, 2012

// //

रिश्ते बस रिश्ते होते हैं


कहानी नहीं, बस कन्फ्यूज्ड हूँ, साथ बैठकर कुछ लोगों से बातें करने का मन है....थोड़ा मूड स्विंग का भी शिकार हूँ...तो ऐसे में कुछ रैंडम, बेतुकी और कन्फ्यूज्ड बातें जो शायद सिर्फ उन्ही लोगों को समझ में आये जिनके लिए लिखी गयी है....बाकियों को अगर ये बकवास लगे तो मुझे बुरा नहीं लगेगा...मुझे खुद भी ये बातें बकवास ही लगती हैं, लेकिन दिल है की बिना इन बकवास बातों को शेयर किये मानता नहीं...



उन दोनों ने दुनिया घुमने की अपनी जो लिस्ट बनाई थी, उसमे सबसे ज्यादा देश यूरोप के थे.हमेशा से दोनों को यूरोप सबसे ज्यादा फैसीनेट करता था.चेकोस्लोवाकिया, स्विटज़र्लंड, इटली,स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन, पोलैंड इत्यादी जगह वे दोनों साथ घूमना चाहते थे.लड़के को कभी अपने देश से बाहर जाने का और वहां घुमने का अवसर नहीं मिल पाया लेकिन लड़की एक समय बाद वहीँ जाकर बस गयी.वो जब कभी यूरोप से वापस आती तो लड़के को वहां की सारी छोटी बड़ी बातें तफसील से बताती.लड़की की बातों को सुनते हुए लड़के को लगता की वो बैठे बैठे ही दुनिया घूम रहा है.लड़की जब भी वापस आती तो वो लड़के के लिए कई सारे तोहफे लाती थी, लेकिन उनमे से कुछ तोहफे वैसे रहते थे जो वो बस लड़के को दिखा कर, वापस अपने पास रख लेती थी.लड़की जब भी ऐसा करती, वो हमेशा एक ही डायलोग लड़के के सामने रिपीट करती "तुम रखो ये गिफ्ट या मैं, बात तो एक ही है न...और तुमसे ज्यादा ऑर्गनाइज़्ड मैं हूँ ये तुम भी मानते हो, तो गिफ्ट मेरे पास ही रहने दो..तुमने देख लिया न की तोहफा कैसा है, और हाथ में लेकर उसे महसूस भी कर लिया...इतना काफी है".

लड़के का एक बहुत ही अच्छा मित्र जो लड़का और लड़की दोनों का वाकिफ़ था और दोनों के लिए ख़ास था कुछ महीने पहले फ्रांस गया.लड़के को जब मालुम चला की उसका वो मित्र फ्रांस जा रहा है, तब उसने सोचा की कम से कम वो वहां से उस लड़की की कुछ वैसी खबर ला सकेगा जो उस तक नहीं पहुँचती है.लड़की ब्रिटेन में रहती थी, लेकिन उसके मित्र के फ्रांस पहुँचते ही वो लड़की वहां से दूर किसी दुसरे देश में रहने चली गयी.लड़के का दोस्त जब वापस अपने देश आया तो फ्रांस से लड़के के लिए कई सारे तोहफे लेते आया था, जो एक 'पिंक कलर' के लिफ़ाफ़े में थे.एक तो 'पिंक कलर' का लिफाफा वैसे ही कुछेक कारणों से लड़के के लिए ख़ास रहा है, दूसरा की गिफ्ट में एक चॉकलेट का पैकेट भी था.लड़के ने जब देखा की उसका मित्र उसके लिए चॉकलेट लाया है, उसे सहसा वे दिन याद हो आये जब लड़की यूरोप से आते वक़्त उसके लिए चॉकलेट्स लेते आया करती थी.लड़के को गिफ्ट्स देने के अपने यूनिक अंदाज़ में वो लड़की उसे सिर्फ चॉकलेट दिखा कर, सारे चॉकलेट खुद ही खा जाया करती थी...लड़के को मुस्किल से एक दो टुकड़े चॉकलेट के नसीब हो पाते थे.शायद इसलिए जब लड़के ने देखा की उसके मित्र ने तोहफे में उसे चॉकलेट दिया है तो उसे सबसे पहला ख्याल यही आया, की कहीं उसका ये मित्र भी उस लड़की की तरह ही ये चॉकलेट उससे छीन कर खुद ही न खा जाए.लेकिन ऐसा नहीं हुआ.उसके दोस्त ने नाही तो उससे चॉकलेट छीना और नाही कोई डायलोग मारा.लड़का अपने इस बेतुके ख्याल पर मुस्कुराने लगा.उसका वो मित्र अपनी जगह पर बैठे लड़के की मुस्कराहट को थोड़े अचरच से देख रहा था, और शायद ये अनुमान लगाने की कोशिश कर रहा होगा की लड़का यूँ एकाएक क्यों मुस्कुराने लगा है.

लड़के का जो ये दोस्त है, वो वैसे लोगों में से है जिसपर लड़का पूरी तरह विश्वास करता है.लड़के का ये दोस्त उसकी ज़िन्दगी में ठीक उस वक़्त आया जब लड़का अपने जीवन से थोड़ा निराश और हताश था.लड़के की ज़िन्दगी का ये एक खूबसूरत संयोग है की उसके ज़िन्दगी में कुछ अच्छे लोग ठीक उस वक़्त पर आ धमकते हैं  जब वो अपने सबसे बुरे फेज से गुज़र रहा होता है..लड़के के इस दोस्त के तरह ही एक और शख्स लड़के की ज़िन्दगी में ठीक उसी वक़्त पर आ गए जब लड़का अपनी ज़िन्दगी से थोड़ा परेसान था, और कुछ रिश्तों के टूटने का दर्द सह रहा था.पता नहीं क्यों और कैसे लड़के ने इस शख्स को रिश्ते में बाँध लिया, उन्हें अपना बुजुर्ग मान लिया..आज लड़का जब भी तन्हाई में होता है तो ये जरूर सोचता है की अगर उस शख्स से उसकी मुलाकात नहीं होती तो शायद उसकी ज़िन्दगी सही मायने में पूरी भी नहीं होती...शायद कभी उसे कोई ऐसा नहीं मिलता जो उसे टोक कर उसकी गलतियों पर गौर करने को कहे, शायद उसकी कुछ बुरी कवितायेँ कभी अच्छी नहीं बन पाती.

--- 

एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह दोनों ही उसकी ज़िन्दगी में अचानक चली आई थी.दोनों ही पागल, नटखट, मासूम, बेहद खूबसूरत और हद से ज्यादा बोलने और हंसने वाली...दोनों की आदतें भी लगभग एक सी ही थी..और दोनों के नाम भी एक ही थे.दोनों लड़के की ज़िन्दगी में तब आयीं थी जब लड़का अपने बुरे दिनों में था.पहली लड़की जिसकी वजह से लड़के ने ये जाना की प्यार किसे कहते हैं, उसकी ज़िन्दगी में तब आई थी जब लड़के को पहली बार बुरे वक़्त का अनुभव हुआ था और उसने पहली बार असफलता का स्वाद चखा था.दूसरी लड़की लड़के की ज़िन्दगी में उसकी बड़ी बहन बन कर आई थी, बिलकुल उस वक़्त जब लड़का अपने जिंदगी के सबसे बड़े दोराहे पर खड़ा था और अपने दोस्तों के रूखेपन से बुरी तरह परेसान था.

लड़के के ज़िन्दगी में दोनों लड़कियों का आना एक ऐसा संयोग है जिसे लड़का कभी भूल नहीं सकता..पहली लड़की जो लड़के की सबसे अच्छी दोस्त थी और जिससे लड़का प्रेम करता था, उसकी ज़िन्दगी में आने के कई साल बाद दूसरी लड़की उसकी ज़िन्दगी में आई(जिसे लड़के ने पहली ही मुलाकात में अपनी बड़ी बहन बना लिया था).वे बारिशों के दिन थे जब दोनों लड़कियों से पहली बार लड़के की मुलाकात हुई थी(अलग अलग शहरों में, अलग अलग सालों में).दोनों लड़कियों ने पहली ही मुलाकात में लड़के को तोहफे में चॉकलेट और सिल्वर कलर के पेन दिए थे..और दोनों ही लड़कियों ने गिफ्ट्स देते वक़्त अपने हाथों से लिखकर लड़के को कुछ दिया था..एक ने लड़के की हथेली पर अपने दस्तखत किये थे तो दूसरी ने एक किताब के पहले पन्ने पर..

दोनों लड़कियां लड़के का खूब ख्याल रखती.दोनों खुद ही बेहद इमोशनल हैं लेकिन मौके बेमौके दोनों लड़के पर एक सा ही कमेन्ट करतीं "हे भगवान, क्या होगा तुम जैसे इमोशनल लड़के का".लड़का जब भी दोनों में से किसी के मुहं से ये सुनता तो वो अन्दर ही अन्दर हंसने लगता..वो सोचता की ये दोनों तो वैसे ही दुनिया के सबसे इमोशनल लोगों में से हैं और ये मुझे ऐसा कह रही हैं..लड़का मन ही मन दुआ करता की इन दोनों पागल लड़कियों में इनका बचपना हमेशा कायम रहे और ये दोनों युहीं सदा मुस्कुराते रहें.

लड़का दोनों को अपना 'लकी चार्म' मानता है, एक सपोर्ट सिस्टम की जिसकी वजह से कुछ भी ठीक हो सकता है..जिनकी एक मुस्कान से लड़का कितने भी गहरे उदासी के कुँए से बाहर आ सकता है.कुछ समय पहले तक लड़का इस बात से बेहद परेसान सा था, की वो पागल लड़की जिसकी एक हंसी और इल्लौजिकल बातें उसे कितने भी गहरे उदासी से खींच बाहर ला सकती थी, वो उसके ज़िन्दगी से हमेशा के लिए चली जायेगी और उसकी जगह शायद फिर कभी कोई नहीं ले सकेगा..लड़का कभी कभी इस सोच से घबरा सा जाता था की उस लड़की का वो रिक्त स्थान वैसे ही खाली रह जाएगा..लेकिन शायद लड़के की रूठी हुई हाथों की लकीरों में कुछ ऐसी भी लकीरें थीं जिनके वजह से लड़के की मुलाकात दूसरी लड़की से हुई, जो उसकी ज़िन्दगी में उसकी बड़ी बहन बन कर आई..कम से कम लड़के को अब इस बात का संतोष है की उसके जैसी, बिलकुल उसकी ज़िराक्स कॉपी वाली लड़की उसकी ज़िन्दगी में उसकी बड़ी बहन बन कर हमेशा रहेगी..