Monday, June 28, 2010

आस अभी बाकी है

चाहे कितने भी सितम कर ले ये दुनिया,
दिल में एक आस अब भी बाकी है...
आने के किसी शख्स का,
इंतज़ार अब भी बाकी है..

ये माना दर्द झेले हैं हमने बहुत
पर शायद दर्द की कुछ और किश्तें अभी बाकी हैं..

खुशियाँ आएँगी हमारे पास फिर किसी बहाने से..
दिल  के किसी कोने में ये एक आस अब तक बाकी है...

5 comments:

  1. अब तो सही में आपको फोन घुमाना पड़ेगा अभिषेक !!!!
    उस दिन फोन घुमाया तो कुछ पता चला.
    अब आज फिर से कुछ पता चलेगा.
    hi hi :)

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  2. @प्रिया भाभी..
    वैसी कोई बात नहीं है जी..
    बस ऐसे ही..और आज मैं कॉल करता हूँ आपको...रुकिए जरा :)

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  3. बस एही आस असली चीच है बचवा...ई बचा रहा त सब मिल जाएगा...

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  4. आस बचाये रखो बालक!!

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  5. bahut khuub yaar...!
    mazza aya pdhke...!

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आप सब का तहे दिल से शुक्रिया मेरे ब्लॉग पे आने के लिए और टिप्पणियां देने के लिए..कृपया जो कमी है मेरे इस ब्लॉग में मुझे बताएं..आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा...टिप्पणी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद..शुक्रिया