Monday, June 21, 2010

खोया खोया चाँद !!!!!

क्या आप लोग अभिषेक के बकवास शायरी से बोर हो चुके हैं? क्या आप लोग भी मेरी तरह कुछ चेंज चाहते हैं? क्या आप लोग भी ये सिकायत कर रहे हैं की मैंने अब तक इतने कम पोस्ट किये हैं इस ब्लॉग पे?

वैसे आप लोग मुझे जानते हैं क्या? पता नहीं

मैं बता देती हूँ, मैं हूँ दिव्या.. अभिषेक की बहुत अच्छी दोस्त और उससे लड़ झगड पे मैंने इस ब्लॉग पे अपना नाम लिखवा है एज ए author/blog writer

अब ब्लॉग तो अभिषेक का ही है. तो उसके पसंद का ही एक गाना सुन लेते हैं. ये गीत तो मुझे भी उतना ही पसंद है.अभिषेकवा तो ये गाना शायद हर दिन सुनता है :P :P जहाँ तक मेरी Knowledge है

चलिए.................वक्त बिताने के लिए करना है कुछ काम...............शुरू करो ये गाना ले के हरी का नाम :D :D

public demand pe pesh hai :P




(ऊपर किये गए मेरे मजाक आपको अगर बुरे लगे हों तो माफ कर दीजियेगा...ब्लॉग पे ये serious/creative टाइप भाषा/वर्ड मुझे लिखने नहीं आता...इसलिए क्षमा चाहती हूँ...और अभिषेक जितना अच्छा इंसान है, उतना ही अच्छा लिखता भी है............ये गीत खास मेरे दोस्त अभिषेक और सुदीप के लिए )