Friday, April 2, 2010

ऐ दोस्त

युही कभी तीन-चार लाइने लिख दी थी मैंने कभी.....खासकर के कुछ दोस्तों के नाम ये लाइने थी.....शायद पसंद आये आपको 

तनहाइयों में ये दिल अक्सर बेचैन रहता है,
तुमसे दूर रहना का गम भी रहता है.
बहुत बड़ी है ये अनजानी सी दुनिया ,
खो न जाऊं, डर लगता है
तुम्हारी दोस्ती का साथ है तो,
हर मंजिल पाने का अहसास होता है,
ऐ दोस्त तेरी बहुत याद आती है,
जब भी कभी दिल तनहा होता है.