Wednesday, March 31, 2010

शुक्रिया

नमस्ते ,
    मैं प्रीती हूँ,  लन्दन में रह रही एक भारतीय हूँ.मुझे ये पता नहीं की अभिषेक ने क्या सोच के मुझे इस ब्लॉग का एक सदस्य बनाया.मेरी रूचि हमेशा पढने के तरफ रही, लिखने की कोशिश नहीं की मैंने कभी.वैसे मैं अभिषेक के कुछ कविताओं को बहुत अच्छा लिखा हुआ मानती हूँ.अब जब अभिषेक ने अपने दो ब्लॉग की सदस्यता मुझे दे दी है, तो कोशिश करुँगी कुछ तो अच्छा लिखूं.

ये नीचे लिखी हुई कविता मेरी नहीं है लेकिन कुछ कारणों से मुझे ये पसंद है.
   
जब कोई दूर रहे और बहुत पास रहे..
नींद सुखी रहे और बहुत प्यास रहे..
तुम वही ख्वाब जगाने चले आ जाया करो..
मेरी रातों को चरागों से सजा जाया करो...

अश्क गीले से मोती अभी कच्चे हैं...
ये ख्वाबों को समझ लेते हैं सच्चे हैं....
तुम वही रस्म निभाने चले आ जाया करो....
मेरी पलकों पे लैब अपने सजा जाया करो......
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Saturday, March 27, 2010

सपना


कल रात फिर एक सपना देखा मैंने,
चांदनी  रात में तुम चुपके से आयीं मेरे पास,
हम दोनों के बीच न ज़माने कि दूरी थी,
न कोई मजबूरी..
खुश थें हम अपने उस सपनों कि दुनिया में,
जहाँ हर तरफ खुशियों के चिराग जगमगा रहे थे...
एक दुसरे को बस हम देखे जा रहे थे,
अलफ़ाज़ हमारे आखों से बयां हो रहे थे..
समंदर से तो मैं वाकिफ हूँ,
लेकिन वो आँखें कुछ ज्यादा गहरी हैं,
जिनमे मैं डूब जाया करता हूँ..
कल सपने में न जाने कितनी बार,
उन आँखों में डूब के वापस आया था मैं...
पर,
खुली जो आँख तो न तुम थी,
न वो ज़माना ,
और न वो सपना...
दहकती आग थी, तन्हाई थी और मैं था..
उस हसीं सपने कि शायद,
सच होने कि कोई गुंजाइश नहीं..
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Thursday, March 25, 2010

दर्द

दर्द यूँ तो होता है हमें,
लेकिन दर्द कि कोई जुबान नहीं होती..
सबसे छुप छुप अकेले में रोया करते हैं
बातें ये दिल कि कहीं बयां नहीं होती..
पता नहीं क्यों महफ़िलो से शिकायत हो गयी,
तनहाइयों के देश में खुद को बसा लिया हमने..
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Monday, March 8, 2010

माना की बहुत गम हैं तेरे फ़साने में
माना की दिल टूटा है तेरा भी ज़माने में
पर एक बार नज़रें उठा के देख तो लो ऐ दोस्त..
खुशियाँ फिर से आयीं हैं तेरे पास किसी बहाने से. 
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Friday, March 5, 2010

एक बार रूठकर हमसे देखो


एक बार रूठकर हमसे देखो,
हमें मनाने का सलीका आता है...

पाओगे वो सुकून हमारे पनाहों में,
हमें इस कदर प्यार निभाना आता है..

जब भी कभी दिल उदास हो,
याद कर लेना हमारी बातें...

एक हलकी सी मुस्कराहट खिल जाएगी,
क्यूंकि हमें ग़मों को प्यार से मिटाना आता है....
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Wednesday, March 3, 2010

मेरे आंसूं

समेट लिया है दामन में मैंने तेरी यादों को
फिर भी बरस जाते हैं आँखों से मेरे आंसूं

ख्यालों में दबे पाँव जब आती हो तुम
तब बड़े प्यार से मुस्कुराते हैं मेरे आंसूं

दूरियों का अहसास जब करता है मन को पागल
कसम से,जी भर रुलाते हैं मेरे आंसूं

दिल की बातें तुम तक पहुचआऊं कैसे
अक्सर कागज़ पे टपक जाते हैं मेरे आंसूं..
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Tuesday, March 2, 2010

A Girl !!

There is a girl whose smile just makes my day
There is a girl who is beautiful in evert way
There is a girl who is so neat yet so far
There is a girl whose presence takes all my doubts away

There is a girl who always had supported me
There is a girl who always had understood me more than anyone
There is a girl without whom I feel incomplete 
And this is the vision I can see,
That she had been created only for ME !

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