Friday, February 12, 2010

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मीना कुमारी की शायरी - पार्ट १

मसर्रत पे रिवाजों का ख्त पहरा है,

ना जाने कौन सी उम्मीद पे दिल ठहरा है...
तेरी आँखों में झलकते हुए इस गम की कसम,
दोस्त! दर्द का रिश्ता बहुत ही गहरा है...


कुछ लोगों को शायद ये पता नहीं होगा की मीना कुमारी
जी, जो कि बहुत ही सफल अभिनेत्री थी, वो एक बेहतरीन शायर भी थीं...अपने दर्द, खवाबों की तस्वीरों को उन्होंने जो जज्बाती शक्ल दी है, बहुत कम लोगों को मालुम है...मैं मीना कुमारी जी की लिखी कुछ ग़ज़लें, नग्में लगातार यहाँ पोस्ट करता जाऊंगा.आशा है कि आपको भी पसंद आयेंगे उनके द्वारा लिखी गयी शायरी।
कुछ अहसास...
मांगी-तंगी हुई सी कुछ बात
दिन की झो
ली में भीख की रातें,
मेरी दहलीज पे भी लायी थी
जिंदगी दे गयी है सौगातें।


मीना कुमारी जी जाते जाते अपने साथ एक दौर साथ लेते चली गयी.जब तक जिंदा थी, ज़ख्म बटोरते गयी, दर्द चुनते गयी, और दिल में समोते गयी.वो हमेशा येही कहती रही...
"टुकड़े टुकड़े दिन बीता, धज्जी धज्जी रात मिली
जिसका जितना आँचल था,उतनी ही सौगात मिली
जब चाह दिल को समझे, हसने की आवाज़ सुनी
जैसे कोई कहता हो, लो तुमको अब मात मिली
बातें कैसी घातें क्या?चलते रहना आठ पहर
दिल सा साथी जब पाया, बेचैनी भी साथ मिली

तनहा मन

चाँद तनहा है, आसमान तनहा...
दर्द मिला है कहाँ कहाँ तनहा...

बुझ गयी आस, चुप गया तारा...
थरथराता रहा धुआं तनहा...

जिंदगी क्या इसी को कहते हैं?
जिस्म तनहा और जान तनहा...

हमसफ़र अगर कोई मिले भी कहीं,
दोनों चलते रहे यहाँ तनहा...

जलती-बुझती-सी रौशनी के परे...
सिमटा सिमटा सा एक मकान तनहा...

राह देखा करेगी सदियों तक,छोड़ जायेंगे ये जहाँ तनहा॥


माजी और हाल

हर मसर्रत
एक बरबादसुदा गम है...
हर गम
एक बरबादसुदा मसर्रत...
और हर तारीकी एक तबाह्शुदा रौशनी,
और हर रौशनी एक ताबह्शुदा तारीकी...
इसी तरह,
हर हाल,
एक फनाह्शुदा माजी....
और हर माजी,
एक फनाह्शुदा हाल...


खामोश रात

आह रात आई,
चुपचाप चली आई...
इसकी ख़ामोशी में पनाह है
कितना प्यारा सांवलापन है...
रात का खामोश चेहरा!
झुकी हुई नर्म नर्म खामोश आँखें
भरी भरी खामोश गोद

अच्छा हुआ जो रात आई..

ये रात ये तन्हाई 

ये रात ये तन्हाई 
ये दिल के धड़कने की आवाज़  
ये सन्नाटा 
ये डूबते तारॊं की   
खा़मॊश गज़ल खवानी 
ये वक्त की पलकॊं पर   
सॊती हुई वीरानी 
जज्बा़त ऎ मुहब्बत की  
ये आखिरी अंगड़ाई  
बजाती हुई हर जानिब   
ये मौत की शहनाई  
सब तुम कॊ बुलाते हैं  
पल भर को तुम आ जाओ 
बंद होती मेरी आँखों में   
मुहब्बत का एक ख्वाब़ सजा जाओ

13 comments:

  1. fantabolous........loved every shayari...............sab k sab achhe hein...

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  2. very goood !!

    mjhe sahi men nai pata tha ki meena kumari is a shayar also. :)

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  3. hey u hav been tagged
    chck my blog
    http://snehabhatsepo.blogspot.com

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  4. बहुत ही बेहतरीन पोस्ट। हम भी इनके बडे प्रशंसक है। इनकी शायरी बहुत दर्द होता है। एक बार फिर से पढ लिया ये दर्द।

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  5. A great work to compile the poetries at one place and make to available to everyone....ye sirf shayri nahi dil ki aawaz hai.

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  6. बहुत ही बढ़िया शायरीयां हें पढ़ कर बहुत मज़ा आता हे

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  7. ख़ुदा की नेमत जिनपर ज्यादा होती है उन्हें दर्द भी ज्यादा मिलता है .जो समेट लेता है शब्दों में वो दर्द सबका हो जाता है .

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  8. मसर्रत पे रिवाजों का सख्त पहरा है,

    ना जाने कौन सी उम्मीद पे दिल ठहरा है...
    तेरी आँखों में झलकते हुए इस गम की कसम,
    ऐ दोस्त! दर्द का रिश्ता बहुत ही गहरा है...
    निःशब्द...सच में, दर्द के रिश्ते बहुत गहरे होते हैं...|

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  9. Read Romantic Love Shayari, Hindi Love Shayari, प्यार की शायरी in Hindi and Dil Se Dil Ki Shayari Online.

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